एक दर्जन से अधिक आवेदन, पुलिस दे रही सिर्फ आश्वासन

दतिया। खबर का शीर्षक पढ़ कर आपने अंदाजा तो लगा लिया होगा कि पुलिस की कार्यप्रणाली कैसी है। पुलिस कप्तान बदलने के बाद भी पुलिस की कार्यप्रणाली का ढर्रा पुराना ही है। हम यहां बात कर रहे हैं ग्राम टोड़ा के नीकेश शर्मा की। नीकेश के पिता अशोक शर्मा की 12 फरवरी 2026 की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी उत्तम उर्फ बाबूजी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन प्रकरण में नामजद अन्य आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मामले में अन्य नामजद आरोपी अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं और वे राजीनामे के लिए दबाव बनाते हुए जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। पीडि़त का आरोप है कि फरार आरोपी और उनके रिश्तेदार लगातार राजीनामा करने का दबाव बना रहे हैं। ऐसा नहीं करने पर पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। पीडि़त के अनुसार आरोपियों ने यहां तक कहा है कि यदि समझौता नहीं किया गया तो उन्हें मारकर शव तक गायब कर दिया जाएगा। एस पी को दिए आवेदन में उल्लेख है कि 27 अप्रैल को एक आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल कर खुलेआम जान से मारने की धमकी दी थी। इसकी शिकायत संबंधित थाना प्रभारियों को भी दी गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीडि़त परिवार का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे खेती-किसानी का काम भी नहीं कर पा रहे हैं और भय के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं।